रोहड़ू। दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र डोडरा-क्वार में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब एक बोलेरो कैंपर खाई में गिर गई। इस भीषण हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 24 लोग घायल हुए। गाड़ी के ओवरलोड होने को हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, और प्रशासन ने प्रभावितों को तत्काल राहत प्रदान की है।
हादसा सुबह करीब 10 बजे गोसांगो के पास हुआ, जब बोलेरो कैंपर एचपी 10ए 6385 डोडरा से क्वार की ओर जा रही थी। गाड़ी में कुल 25 लोग सवार थे, जो निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक था। अचानक चालक का नियंत्रण खो गया और गाड़ी गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों के सहयोग से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। इस दौरान 35 वर्षीय शाना देवी पत्नी कमाल चंद, डोडरा निवासी, की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे में घायल 24 लोगों में से सात की हालत गंभीर थी, जिन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संदासु ले जाया गया। शेष 17 लोगों को हल्की चोटें आईं, जिनका उपचार क्वार अस्पताल में चल रहा है। घायलों में तारा चंद, यशपाल, सुषमा देवी, अमन, सुरमा देवी, गुलाब सिंह, अरनव, हेमलता, रीता, वाना देवी, ममता, जसपति, भगत चंद, सजन देवी, कल्पना, निता देवी, रोजी सिंह, कुमारी काम्या, देव राज, राजमणी, राज राम, राजेश, विकास और नवीन कुमार शामिल हैं। सभी घायल डोडरा के निवासी हैं। सात गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक शाना देवी के परिजनों को 20 हजार रुपये और गंभीर रूप से घायल सात लोगों को 10-10 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की। नायब तहसीलदार क्वार प्रताप ने बताया कि प्रभावितों को राहत राशि दी जा चुकी है और प्रशासन पीड़ितों के साथ खड़ा है। डीएसपी रोहड़ू प्रणव चौहान ने बताया कि गाड़ी के ओवरलोड होने की वजह से हादसा हुआ। पुलिस ने चालक और अन्य कारणों की जांच के लिए मामला दर्ज किया है। हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए गहन छानबीन की जा रही है।
यह हादसा डोडरा-क्वार जैसे दुर्गम क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और वाहन नियमों की अनदेखी का गंभीर मुद्दा उठाता है। ओवरलोडिंग और खराब सड़कें पहाड़ी क्षेत्रों में हादसों का प्रमुख कारण बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़कों की स्थिति सुधारने और वाहनों की नियमित जांच की मांग की है। हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। शाना देवी के परिवार में मातम छाया है, और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने स्थिति को और बिगड़ने से रोका। यह हादसा सभी के लिए एक चेतावनी है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कितना जरूरी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ओवरलोडिंग से बचें और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें। इस घटना ने प्रशासन को भी क्षेत्र में सड़क सुरक्षा उपायों को और सख्त करने के लिए प्रेरित किया है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी को रोका जा सके।


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