अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा में एसएसजे राजकीय मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने एक छह वर्षीय बच्चे की नाक में 20 दिन से फंसी जोंक को दूरबीन की मदद से सफलतापूर्वक निकालकर चिकित्सा क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस जटिल ऑपरेशन ने न केवल बच्चे की जान बचाई, बल्कि चिकित्सकों की विशेषज्ञता को भी सामने लाया।
घटना तब सामने आई जब बच्चे की नाक से लगातार खून बहने की शिकायत पर परिजन उसे जिला अस्पताल की ईएनटी ओपीडी में लेकर पहुंचे। परिजनों को संदेह था कि बच्चे की नाक में कुछ फंसा हो सकता है। जांच के दौरान ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अपराजिता सिंह ने पाया कि बच्चे की नाक में करीब 20 दिनों से एक जोंक फंसी थी, जो समय-समय पर खून चूस रही थी। इस वजह से बच्चे को असहजता और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. अपराजिता ने तुरंत बच्चे को ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट किया।
डॉ. अपराजिता और उनकी टीम ने दूरबीन (एंडोस्कोप) की सहायता से अत्यंत सावधानीपूर्वक ऑपरेशन किया और जोंक को सफलतापूर्वक निकाल लिया। ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत स्थिर पाई गई और उसी दिन उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसे किसी प्रकार का खतरा नहीं है। इस सफलता पर परिजनों ने चिकित्सकों और अस्पताल प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
डॉ. अपराजिता ने बताया कि जोंक के नाक में फंसने की घटना दुर्लभ है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के तालाबों या नदियों में नहाने के दौरान ऐसी घटनाएँ हो सकती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि बच्चों को नाक या कान में असहजता महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सा परामर्श लेना चाहिए। यह घटना चिकित्सा जागरूकता के महत्व को भी रेखांकित करती है। इस ऑपरेशन की सफलता ने न केवल बच्चे के परिवार को राहत दी, बल्कि अल्मोड़ा के मेडिकल कॉलेज की साख को भी बढ़ाया।


No comments:
Post a Comment