देहरादून। उत्तराखंड में पुलिस प्रशासन को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य के 58 दरोगा (उपनिरीक्षक) स्तर के थानों को अब इंस्पेक्टर स्तर पर उच्चीकृत करने का निर्णय लिया गया है। इस प्रस्ताव को गृह विभाग ने तैयार किया था, जिसे राज्य कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है। इस बदलाव से राज्य में जांच और कानून व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
उत्तराखंड के 13 जिलों में वर्तमान में कुल 166 थाने हैं, जिनमें से 54 इंस्पेक्टर स्तर के और 112 दरोगा स्तर के हैं। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू होने के बाद कई मामलों की जांच का अधिकार केवल इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को ही दिया गया है। इस वजह से दरोगा स्तर के थानों में होने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं की जांच के लिए अन्य जिलों से इंस्पेक्टरों को बुलाना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती थी। इस समस्या को देखते हुए सरकार ने हर जिले के महत्वपूर्ण दरोगा स्तर के थानों को उच्चीकृत करने का फैसला लिया है।
इसके तहत 58 थानों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें अब इंस्पेक्टर स्तर पर अपग्रेड किया जाएगा। देहरादून जिले में राजपुर, रायपुर, नेहरू कॉलोनी, रायवाला, प्रेमनगर, सहसपुर, कालसी, और चकराता थाने शामिल हैं। हरिद्वार में सिडकुल, भगवानपुर, कनखल, श्यामपुर, पथरी, बहादराबाद, झबरेड़ा, खानपुर, और कलियर थाने उच्चीकृत होंगे। उत्तरकाशी में हर्षिल, बड़कोट, उत्तरकाशी कोतवाली, और धरासू, टिहरी में नरेंद्रनगर, देवप्रयाग, चंबा, घनसाली, और कैंपटी, चमोली में गैरसैंण, गोपेश्वर, और गोविंदघाट, रुद्रप्रयाग में अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ, और गुप्तकाशी, पौड़ी में लक्ष्मणझूला और श्रीनगर, नैनीताल में भीमताल, बनभूलपुरा, काठगोदाम, कालाढूंगी, तल्लीताल, मुक्तेश्वर, और मुखानी, ऊधम सिंह नगर में आईटीआई, नानकमत्ता, पंतनगर, कुंडा, गदरपुर, और ट्रांजिट कैंप, अल्मोड़ा में चौखुटिया, सोमेश्वर, द्वाराहाट, और महिला थाना, बागेश्वर में कौसानी और बैजनाथ, पिथौरागढ़ में मुनस्यारी, गंगोलीहाट, बेरीनाग, और झूलाघाट,以及 चंपावत में टनकपुर थाना उच्चीकृत होगा।
यह कदम न केवल पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर जांच प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाएगा। इससे आम जनता को भी त्वरित न्याय मिलने की उम्मीद है।


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