सुप्रीम कोर्ट की यूपी सरकार को फटकार: बुलडोजर कार्रवाई असंवैधानिक, मकान मालिकों को 10 लाख मुआवजा - सत्यमेव जयते

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Tuesday, April 1, 2025

सुप्रीम कोर्ट की यूपी सरकार को फटकार: बुलडोजर कार्रवाई असंवैधानिक, मकान मालिकों को 10 लाख मुआवजा


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने इसे न सिर्फ असंवैधानिक, बल्कि अमानवीय करार देते हुए प्रभावित मकान मालिकों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। जस्टिस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा, "यह हमारी अंतरात्मा को झकझोर देने वाला मामला है। आश्रय का अधिकार और कानून की उचित प्रक्रिया जैसी चीजें होती हैं, जिनका पालन जरूरी है।" 

मामला वकील जुल्फिकार हैदर, प्रोफेसर अली अहमद और तीन अन्य लोगों के घरों के विध्वंस से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि उनके घरों को ध्वस्त करने से महज एक रात पहले नोटिस दी गई थी। उनके वकील ने दलील दी कि अधिकारियों ने गलती से उनके घरों को गैंगस्टर अतीक अहमद की संपत्ति मान लिया, जिसकी 2023 में हत्या हो चुकी है। राज्य सरकार के वकील ने कहा कि नोटिस संपत्तियों पर चिपकाए गए थे, लेकिन कोर्ट ने इस प्रक्रिया को अपर्याप्त और गैरकानूनी ठहराया। 

अधिकारियों को सबक सिखाने की जरूरत

जस्टिस ओका ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, "इस तरह की मनमानी को रोका जाना चाहिए। इन लोगों ने अपने घर खो दिए हैं। प्रत्येक मामले में 10 लाख रुपये का मुआवजा तय किया जाना चाहिए, ताकि प्राधिकरण भविष्य में उचित प्रक्रिया का पालन करना याद रखें।" कोर्ट ने विध्वंस के तरीके की आलोचना करते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं को नोटिस का जवाब देने का मौका तक नहीं दिया गया। पीठ ने जोर देकर कहा, "आश्रय का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 का हिस्सा है। इस तरह की कार्रवाई वैधानिक विकास प्राधिकरण की असंवेदनशीलता को दर्शाती है।" 

वायरल वीडियो का जिक्र

अदालत ने उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में एक बुलडोजर अभियान के वायरल वीडियो का भी उल्लेख किया, जिसमें एक छोटी लड़की अपनी किताबें लिए खड़ी थी, जबकि बुलडोजर घर तोड़ रहा था। जस्टिस भुइयां ने कहा, "ऐसे दृश्य हर किसी को परेशान करते हैं।" कोर्ट ने अपने फैसले में इन घटनाओं को "अंतरात्मा को झकझोरने वाला" बताया और प्रशासन की कार्रवाई को गैरकानूनी ठहराया। 

यूपी सरकार की किरकिरी

सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले भी यूपी सरकार को बिना उचित प्रक्रिया के घर ढहाने के लिए फटकार लगाई थी। इस बार कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसी कार्रवाइयां न सिर्फ कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं पर भी चोट पहुंचाती हैं। प्रभावित मकान मालिकों को मुआवजे का आदेश देते हुए कोर्ट ने अधिकारियों को भविष्य में ऐसी मनमानी से बचने की चेतावनी दी। यह फैसला बुलडोजर नीति पर सवाल उठाने के साथ ही प्रभावितों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।


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