बद्दी। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के तहत मधाला में दरवाजा खिड़की बनाने वाले उद्योग में कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी है। आरोप है कि पिछले कई सालों से कंपनी प्रबंधन द्वारा मनमर्जी के चलते मजदूरों को बाहरी राज्यों में जबरन ट्रांसफर किया जा रहा है और श्रम नियमों की भी कंपनी प्रबंधन द्वारा शरेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। उसी को लेकर पिछले कई दिनों से कंपनी के 200 से ज्यादा मजदूर हड़ताल पर गए हैं। वे लगातार कंपनी प्रबंधन के खिलाफ अपना प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं 200 के करीब मजदूरों ने एकत्रित होकर सीटू के बैनर तले श्रम विभाग बद्दी के कार्यालय के बाहर अपना प्रदर्शन किया और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मजदूरों ने जमकर नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया है। कंपनी मजदूरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती तब तक उनका धरना प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा और अगर कंपनी प्रबंधन ने उनकी मांगों की ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया तो वह उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
इस बारे में सीटू के जिला उपाध्यक्ष ओम दत्त ने बताया कि 2022 से यूनियन के पंजीकरण को लेकर श्रम विभाग के पास आवेदन किया गया था लेकिन 3 वर्षों बाद अब जाकर यूनियन का पंजीकरण हो पाया है। उन्होंने कहा कि दरवाजा खिड़की बनाने वाली कंपनी द्वारा गैर कानूनी तरीके से 200 मजदूरों को ट्रांसफर किया जा रहा है उन्होंने कहा कि जो कि गैरकानूनी है और कंपनी के मजदूरों की सहमति के बिना किसी को भी बाहरी राज्य में ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है। उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने मजदूरों को 5 लाख नौकरियां देने का वादा चुनावों के समय में किया था लेकिन वह भी वोट लेने का एक जुमला था। उन्होंने कहा कि देश की 10 ट्रेड यूनियन एकत्रित होकर लेबर लॉ में गलत नीतियों को लेकर 20 जून को पूरे देश में हड़ताल की जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कंपनी मैनेजमेंट द्वारा उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वह हाई कोर्ट का भी रुख कर सकते हैं।
इस बारे में जब हमने जीएमपी टेक्निकल सॉल्यूशन कंपनी के यूनियन प्रधान कृष्णपाल से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि 2024 में श्रम अधिकारी के सामने कंपनी मैनेजमेंट और मजदूरों के बीच एक समझौता हुआ था कि कंपनी किसी भी मजदूर को बाहरी राज्य में ट्रांसफर नहीं करेगी लेकिन कंपनी प्रबंधन द्वारा जबरन धक्केशाही से 200 मजदूरों को भारी राज्यों में ट्रांसफर किया है जिसके विरोध में वह पिछले कई दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं उनका कहना है कि अगर कंपनी प्रबंधन ने उनकी मांगे नहीं मानी तो उनका धरना प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
इस बारे में जब हमने लेबर इंस्पेक्टर बद्दी अमित कुमार से बातचीत की तो उनका कहना है कि आज मैनेजमेंट और मजदूरों को समझौता वार्ता के लिए बुलाया गया था लेकिन कंपनी मैनेजमेंट की ओर से कोई भी व्यक्ति इस समझौता वार्ता में शामिल नहीं हुआ है। जिसको लेकर अब अगली तारीख 24 मार्च दोनों पार्टियों को बता दी गई है। उन्होंने दोनों ही पार्टियों से कहा है कि इस समझौता वार्ता में आए और अपना अपना पक्ष रखें ताकि किसी समझौते तक पहुंचा जा सके हैं।


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