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| एवलांच में फंसे शेष मजदूरों की तलाश हेतु SDRF की टीम विक्टिम लोकेटिंग और थर्मल इमेज कैमरा के साथ घटनास्थल पर सर्चिंग करते हुए। |
चमोली। बदरीनाथ धाम से आगे माणा गांव के पास हिम आपदा का शिकार हुए लोगों का तलाशी अभियान आज बर्फ से चार शव बरामद होने के बाद समाप्त घोषित कर दिया गया। इस तरह हादसे में मरने वालों की अंतिम संख्या आठ हो गई है। अब प्रशासन ने बताया है कि हादसे में बर्फ में फंसे लोगों की संख्या 55 नहीं बल्कि 54 ही थी। इनमें से 46 लोगों को सकुशल बर्फ से बाहर निकाल लिया गया जबकि आठ लोगों की मौत हो गई। प्रशासन का कहना है कि ग्लेशियर गिरने से पहले ही एक श्रमिक कार्य स्थल से अपने घर चला गया था। दस तरह बर्फ में फंसे श्रमिकों की कुल संख्या 54 ही थी।
चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि आज सुबह तीन शव बर्फ के नीचे से निकाले गए। दोपहर बाद चौथा शव भी बरामद हो गया। इसी के साथ श्रमिकों की तलाश के लिए छेड़े गए इस आपरेशन को समाप्त घोषित कर दिया गया। आज सेना और वायु सेना के सात हेली काप्टर आपरेशन से जुड़े। इसके साथ ही एनडीआरएफ के स्नीफर डॉग को भी बर्फ में उतारा गया। भारतीय वायु सेना का एमआई 17 चीता हेलीकाप्टर इस आपरेशन से जोड़े गए थे।देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस आपरेशन की पल पल की जानकारी ले रहे थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज प्रातः राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर चमोली में हुई आपदा के सर्च एवं रेस्क्यू अभियान का अपडेट लिया। मुख्यमंत्री ने घटनास्थल पर सर्च और रेस्क्यू अभियान कर रहे अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेस्क्यू किए गए सकुशल 46 लोगों को समुचित चिकित्सा के लिए हायर सेंटर रेफर करें। उन्होंने मृतकों को समुचित औपचारिकता पूर्ण करते हुए उनके परिजनों को सुपुर्द करने के आदेश दिए।
मुख्यमंत्री ने अब तक मिसिंग चार लोगों के सर्च और रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। रेस्क्यू अभियान में रडार और थर्मल इमेजिंग जैसे अत्याधुनिक उपकरणों की भी मदद ली जा रही है। सेना, ITBP, वायु सेना, SDRF, BRO, आपदा प्रबंधन विभाग, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, पूर्ति विभाग इत्यादि सभी विभाग बेहतर समन्वय से अपना सहयोग दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को निर्देश दिए थे कि जहां-जहां सड़क और संचार कनेक्टिविटी बाधित हो चुकी है उसको तत्काल बहाल किया जाए। आगामी 3 मार्च को मौसम विभाग के हाई अलर्ट को देखते हुए ऊंचाई वाले स्थानों पर रहने वाले लोगों को इसकी पहले से ही जानकारी देने तथा स्थानीय स्तर पर सभी तरह की पूर्व तैयारी करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन पांच ब्लॉक में विद्युत सप्लाई बाधित हो गई थी वहां पर विधुत आपूर्ति को पुनः बहाल किया जा चुका है। लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया है कि जहां पर भी सड़क कनेक्टिविटी बाधित हैं उसको तत्काल बहाल करें। पूर्ति विभाग को निर्देशित किया गया कि जो गांव सड़क एक्टिविटी से अभी तक जुड़ नहीं पाए हैं वहां पर पर्याप्त मात्रा में राशन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।


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