ऋषिकेश। विधानसभा में पहाड़ी समुदाय के लिए विवादित शब्दों का उपयोग करने के मामले में फंसे प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। यह मामला अब उत्तराखंड की सीमाओं से निकल कर दिल्ली और हाईकोर्ट की चौखट तक जा पहुंचा है।
ऋषिकेश के अधिवक्ता अजय सिंह वर्मा ने उत्तराखंड हाई कोर्ट नैनीताल के चीफ जस्टिस, मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी देहरादून, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, एसडीएम ऋषिकेश व ऋषिकेश के कोतवाल को बाकायदा रजिस्टर्ड डाक से मंत्री के नाम शिकायतनामा भेजा है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा में पहाड़ी समुदाय के प्रति न सिर्फ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया बल्कि उनकी मानहानि भी की है। उन्होंने तर्कों के आधार पर मंत्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि है कि मंत्री के सदन में दिए गए बयान से उत्तराखंड के पहाड़ी समुदाय के भावनाएं आहत हुई है। जिसके प्रतिक्रिया स्वरूप प्रदेश भर में उनके खिलाफ आंदोलन चल रहा है।
दूसरी ओर महानगर दिल्ली—एनसीआर उत्तराखंड प्रवासी संगठन ने दो मार्च को राजधाट से निगमबोध घाट तक मंत्री की शव यात्रा निकालने का ऐलान कर दिया है। यह यात्रा राजध्ज्ञाट से दो मार्च को पूर्वाहृन 11 बजे शुरू होगी जिसका समापन निगमबोध घाट पर अपराहृन एक बजे किया जाएगा। पूरे उत्तराखंड में इस यात्रा में शामिल होने के लिए सोशल मीडिया पर अभियान चलाया जा रहा है। प्रवासी संगठन इस यात्रा में अधिक से अधिक भीड़ जुटाने के लिए प्रयास कर रहा है। इस संगठन के अध्यक्ष कमल ध्यानी हैं।


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