सोलन। पीलिया के कारण हुई नवयुवक की मृत्यु को कुछ लोगों ने चिट्टे के उपयोग की परिणिती बताते हुए सोशल मीडिया पर प्रचार शुरू कर दिया। सोलन के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने ऐसे लोगों के इस तरह की गैरजिम्मेदाराना कार्रवाईयों से बचने की हिदायत दी है।
उन्होंने बताया कि 10 फरवरी को अपनी जब सिरमौर की शिलाई तहसील निवासी एक मां अपने 18 वर्षीय बेटे व बेटी के साथ सोलन बाजार में खरीददारी को निकली थी तब अचानक उनका बेटा सचिन हनुमान मंदिर के पास चक्कर खाकर गिर गया। उसे तुरंत उपचार के लिए एंबुलैंस के माध्यम से चिकित्सालय पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद सूचना पर सोलन की सदर पुलिस भी मौके पर पहुंची थी।
पुलिस ने नवयुवक के शरीर का बाहरी स्तर पर पूरा चेकअप किया गया था। जिसमें कहीं चोट के निशान नहींथे, न ही उसकी कलाइयों या किसी भी अंग पर इंजेक्शन को कोई निशान नहीं पाया गया। मौके पर उपलब्ध मृतक की मां ने बताया था कि सचिन को काफी समय से काला पीलिया था, उसके लीवर में भी इंफेक्शन था।
सचिन का उपचार सोलन के चिकित्सालय में चल रहा था। उन्होंने सचिन की मृत्यु पर न तो किसी प्रकार का संदेह जताया और एक प्रार्थनापत्र देकर अपने बेटे का शव विच्छेदन न कराने का आग्रह करते हुए शव उन्हें सौंपने का आग्रह किया था। यह प्रार्थनापत्र एमओ सोलन द्वारा सत्यापित भी किया गया था। इसकेबाद पुलिस ने शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया था।
लेकिन मृतक सचिन की मृत्यु के बारे में कुछ लोगों ने गैर जिम्मेदाराना तरीके से बिना पुलिस और मेडिकल रिपोर्ट की पुष्टि किए उसकी मृत्यु चिट्टे से होने की अफवाह फैला दी। उन्होंने स्थानीय लोगों से आग्रह किया कि इस तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें, किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए जिला पुलिस को संपर्क कियाजा सकता है।


No comments:
Post a Comment