महाकुंभ: संगम तट पर बैठी थी पत्नी, नदी में नहाने गए पति के उखड़ गए प्राण - सत्यमेव जयते

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Wednesday, February 19, 2025

महाकुंभ: संगम तट पर बैठी थी पत्नी, नदी में नहाने गए पति के उखड़ गए प्राण



महाकुंभ नगर।
आगरा ग्रमीणों के साथ महाकुंभ स्नान करने गए पति —पति का जोड़ा स्नान के साथ ही हमेशा हमेशा के लिए बिछड़ गया। पत्नी को कपड़ों की देखरेख के लिए संगम तट पर बिठा कर गए पति स्नान के दौरान ही पानी में ऐसे गिरे कि फिर नहीं उठ सके। उन्हें गंभीर हालत में चिकित्सालय पहुंचाया गया जहां अपने परिजनों के मोबाइल नंबर चिकित्सक को बताने के बाद वे चल बसे। उधर कपड़े लेकर पति के लौटने का इंतजार कर रही पत्नी को पुलिस ने फोन करके उनके निधन की जानकारी दी।  अब पत्नी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि संगम पर एंबुलैंस तो आई थी लेकिन वह यह नहीं देख सकीं कि उसमें उनके पति को ही ले जाया जा रहा है। 

आगरा के सैंया क्षेत्र के अयेला गांव निवासी रामअवतार ने बताया कि छोटे भाई रामनरेश पुणे में पेठे का व्यापार करते थे। मगर, काम बंद होने के कारण एक साल पहले गांव आ गए। उनकी बड़ी बेटी लक्ष्मी की शादी हो चुकी हैं। वहीं 20 वर्षीय बेटा अनुराग, 15 वर्षीय बेटी गाैरी और 12 वर्षीय बेटा कार्तिकेय पढ़ाई करते हैं। 15 फरवरी को गांव से एक बस में 55 लोग महाकुंभ संगम स्नान के लिए गए थे। रामनरेश पत्नी सीमा के साथ थे।

सोमवार की सुबह बेला कछार पार्किंग में बस पार्क की गई। इसके बाद सभी पैदल निकले। मगर, रामनरेश बाइक किराये पर करके गांव के लोगों से पहले पहुंच गए। सीमा और रामनरेश संगम घाट पर पहुंचे। पति ने पत्नी को घाट पर कपड़े और बैग पकड़ा दिया। 

सीमा सामान की देखरेख की वजह से वहीं रुक गईं। वहीं रामनरेश नहाने चले गए। मगर, काफी देर बाद भी वापस नहीं आए। एक घंटे से सीमा पति का इंतजार कर रही थीं। उधर, रामनरेश अचानक पानी में गिर गए।

यह देखकर आसपास के लोगों ने घाट पर तैनात पुलिसकर्मियों को बुलाया। 

तुरंत संगम पर एंबुलेंस को बुलाया गया। भीड़ होने की वजह से सीमा कुछ समझ नहीं पाईं। वह पति के इंतजार की वजह से कहीं नहीं गई। उन्हें लग रहा था कि कुछ हो गया है। मगर, उन्हें यह नहीं पता था कि एंबुलेंस में पति ही होंगे।

रामनरेश को पुलिस अस्पताल ले गई। इलाज के दाैरान उन्होंने परिजन का मांबाइल नंबर दिया। इस पर चिकित्सक ने बात की। सीमा का नंबर ले लिया। उन्हें काॅल किया तो वह समझ नहीं पाई। चिकित्सक ने एक पुलिसकर्मी से बात करके उन्हें अस्पताल बुलाया। 

मगर, तब तक रामनरेश की माैत हो चुकी थी। यह देखकर वो बेहाल हो गईं। उन्हें अस्पताल कर्मियों ने किसी तरह संभाला। जानकारी पर मंगलवार को परिवार के लोग पहुंचे। उधर, गांव के लोगों के साथ सीमा घर वापस आ गईं। उनके आंसू नहीं रुक रहे हैं।


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