सरपंच की हत्या के मामले में फंसे फडणवीस के मंत्री, पीएम के भोज में नहीं पहुंचे - सत्यमेव जयते

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Thursday, January 16, 2025

सरपंच की हत्या के मामले में फंसे फडणवीस के मंत्री, पीएम के भोज में नहीं पहुंचे



मुंबई। महाराष्ट्र के बीड़ जिले में सरपंच संतोष देशमुख की हत्या का मामला काफी आगे बढ़ गया है। इस घटना के लपेटे में देवेंद्र फडणवीस सरकार के मंत्री धनंजय मुंडे भी आ गए हैं। हत्या मामले में धनंजय मुंडे के एक बेहद करीबी वाल्मिकी कराड की गिरफ्तारी हुई है। 

फडणवीस की पुलिस ने उसके खिलाफ मकोका भी लगा दिया है। इस कारण बीड़ जिले के परली शहर में स्थिति तनावपूर्ण है। इस बीच पीएम मोदी बुधवार को मुंबई में थे और उन्होंने इशारों-इशारों में बड़ा संकेत दे दिया। ऐसे में माना जा रहा है कि इस घटना के बाद एनसीपी कोटे से मंत्री बनाए गए धनंजय मुंडे की कुर्सी बहुत सुरक्षित नहीं हैं। हालांकि एनसीपी के मुखिया और उपमुख्यमंत्री अजित पवार उनके साथ खड़े हैं।

दरअसल, बुधवार को महाराष्ट्र के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री और एनसीपी नेता धनंजय मुंडे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। जबकि महाराष्ट्र सरकार के तमाम मंत्री और महायुति के सभी विधायक पीएम मोदी के साथ भोज में शरीक हुए। बुधवार की अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा पैदा कर दी है। यह घटना तब हुई है जब मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिकी कराड की गिरफ्तारी के बाद उनके इस्तीफे की मांग उठ रही है।

कराड को बीड के मसाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के मामले में मकोका  के तहत आरोपित किया गया है। कराड की गिरफ्तारी के बाद मुंडे की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं और विपक्ष ने उनके इस्तीफे की मांग की है। मंगलवार को उपमुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष अजित पवार ने बीड जिले की पूरी पार्टी समिति को भंग कर दिया। सूत्रों के अनुसार कई समिति सदस्य कराड से जुड़े हुए थे और अब पार्टी ने जिले की समिति को फिर से गठित करने का निर्णय लिया है।

कराड पर मकोका के तहत आरोप लगाए जाने के बाद बीड जिले के पारली शहर में तनाव और विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। बुधवार को पीएम मोदी के कार्यक्रम में मुंडे की अनुपस्थिति इसी संदर्भ में देखी जा रही है और उनकी कैबिनेट से छुट्टी की मांग भी हो रही है। 

एनसीपी के सूत्रों के अनुसार मुंडे ने मंगलवार रात अजित पवार से मिलकर पारली जाने की अनुमति मांगी थी ताकि वह स्थिति को नियंत्रित कर सकें। पारली में स्थिति तनावपूर्ण और संवेदनशील है। ऐसे में मुंडे जैसे वरिष्ठ नेता की जरूरत है ताकि स्थिति और बिगड़ने न पाए। इसलिए अजित पवार ने उन्हें जाने की अनुमति दी।

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